2022

देश का सबसे बड़ा फूड पार्क मुजफ्फरपुर में बनेगा

Indias biggest food park in muzaffarpur motipur

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उद्योग संवाद में उद्योग मंत्री बोले- बरौनी में पेप्सी प्लांट लगेगा

देश का सबसे बड़ा फूड पार्क मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में बनेगा। यह गुजरात समेत देश के अन्य सभी राज्यों से बेहतर होगा। ये बातें गुरुवार को बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) में आयोजित स्नेह मिलन सह उद्योग संवाद कार्यक्रम में राज्य के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कही।

उन्होंने कहा कि मुजफ्फरपुर में बन रहा फूड पार्क देश का सबसे बड़ा फूड पार्क होगा। इसके अलावा बरौनी के बेगूसराय में पेप्सी का बॉटलिंग प्लांट एक साल में बनकर लगभग तैयार है। 557 करोड़ की लागत से शुरू हुआ ये उद्योग बहुत जल्द उत्पादन शुरू करने की स्थिति में है। उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार के लोग परिश्रमी और नवाचारी (इनोवेटिव) होते हैं। इनकी क्षमताओं के सही इस्तेमाल के लिए राज्य के स्टार्टअप और एमएसएमई नीति में जल्दी ही बड़ा बदलाव दिखेगा। उद्योग मंत्री ने नेशनल स्टार्टअप सीड फंड स्कीम के तहत बीआईए द्वारा संचालित वेंचर पार्क के लिए मिले 3 करोड़ रुपये की स्वीकृति की सराहना करते हुए कहा कि जल्दी ही राज्य सरकार के हिस्से के तीन करोड़ रुपये का मैचिंग ग्रांट मुहैया कराया जाएगा। कार्यक्रम में बीआईए महासचिव आशीष रोहतगी, अरबिन्द कुमार सिंह, सुबोध कुमार गोयल, भरत अग्रवाल, मनीष कुमार तिवारी, केपीएस केशरी, रामलाल खेतान, जीपी सिंह, सुनिल कुमार सिंह सहित कई उद्यमी मौजूद रहे।

औद्योगिक क्षेत्रों का होगा विकास : राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों का तेजी से विकास किया जाएगा। मुजफ्फरपुर स्थित बेला औद्योगिक क्षेत्र के लिए सरकार से 115 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। मुजफ्फरपुर के अलावा हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र को भी मॉडल औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए डेढ़ सौ करोड़ रुपये की कार्य योजना पर काम चल रहा है।

राज्य में लगेंगे इथेनॉल के 17 प्रोजेक्ट

राज्य के उद्योग मंत्री ने कहा कि एक साल के कार्यकाल में उन्होंने दो नई नीतियां बनाई हैं। इनमें इथेनॉल नीति के माध्यम से राज्य में 17 नए प्रोजेक्ट लगने जा रहे है। इनमें से चार प्रोजेक्ट ट्रायल रन स्टेज में है। अभी केंद्र सरकार ने फ्लेक्सि इंजन के संचालन की अनुमति दी है। इसके बाद अब केवल इथेनॉल से गाड़ियां चल सकेगी। इससे इथेनॉल उद्योग को काफी बल मिलेगा। राज्य में इथेनॉल आधारित उद्योगों के विकास की बड़ी संभावना है। इसके अलावा राज्य में अलग टेक्सटाइल और लेदर नीति और लॉजिस्टिक नीति लाने पर भी कार्य चल रहा है।

मंत्री बोले

● राज्य के स्टार्टअप व एमएसएमई नीति में बड़ा बदलाव दिखेगा

● वेंचर पार्क के लिए मिले 3 करोड़ रुपये की स्वीकृति की सराहना

मेक इन बिहार के तहत निवेशकों को प्रोत्साहित करना है

मंत्री ने कहा कि मेक इन इंडिया के साथ-साथ मेक इन बिहार की नीति को मजबूत करने की जरूरत है। मेक इन इंडिया से विदेशों की जगह देश में बने उत्पादों को प्रमोट किया जाता है। इसी तरह मेक इन बिहार नीति के तहत देश के अन्य राज्यों की जगह बिहार में निवेश आमंत्रित करने और नए प्रोजेक्ट लगाने के लिए निवेशकों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बीआईए के उद्यमियों से कहा कि देश के अन्य हिस्सों से आने वाले निवेशकों की जिम्मेवारी को बीआईए संभाले। जल्दी ही निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम ज्यादा प्रभावी ढंग से काम करने लगेगा।

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